Friday, 21 October 2016

सुनिए मेरी कहानी 27 किलो घटाने की। इसे सुनकर आपका मुंह खुला का खुला रह जाएगा।


हैलो दोस्त!
आज मैंने फैसला कर लिया है कि मैं आपसे अपने कुछ डायरी नोट्स शेयर करूंगी...मैं असली नोट्स तो नहीं दिखाऊँगी लेकिन मैं अपनी सभी चिंताओं और भावनाओं को जरूर समझाने की कोशिश करूंगी ताकि आप बेहतर समझ सकें। सच कहूँ तो मैं इतनी निजी कहानी सुना कर फॉलोअर इखट्ठे करके प्रसिद्ध होना नहीं चाहती। मैं चाहती हूँ कि ऐसे लोगों की मदद करूँ जो उसी समस्या से जूझ रहे हैं जिनसे मैं जूझी हूँ।
दो साल पहले, मुझे कुछ दिमागी समस्या हो गई थी, मैं अकेली महसूस करने लगी, मैं डिप्रेस हो गई थी। मेरे परिवार वाले मुझे अस्पताल ले गए जहां मेरी स्पेशल देखभाल हुई ताकि मैं बेहतर महसूस कर सकूँ।
मैं अकेली क्यों महसूस करती थी? मैं अब जाकर समझी हूँ... आपको बस मेरी फोटो देखने की जरूरत है और आप भी इसे समझ जाएंगी।
यह कोई राज नहीं है कि यदि आप खुद अपने आप से प्यार नहीं करतीं तो कोई दूसरा भी आप को नहीं चाहेगा। जाहिर है, मेरी न कोई सहेलियाँ थीं, न बॉयफ्रेंड और न ही मेरी कोई सोशल लाइफ थी, क्योंकि मैं अपने आप से नफरत करती थी। मैं अपने आकार से बहुत दुखी थी।

कॉलेज के मेरे दोस्त मुझे टुनटुन, आंटीजी, मोटी अम्मा, हथिनी, डायनासोर...कह कर चिढ़ाते थे और मेरा विश्वास करिए, जो मैं सुनती थी उनमें से ये तो बड़े हल्के शब्द थे। इसमें कोई आश्चर्य नहीं कि आखिरकार मैं अकेली पड़ गई...
अस्पताल में दो महीने बिताने के बाद मैं घर वापस आ गई लेकिन डॉ श्रीवास्तव से मेरा हर हफ्ते एप्पोइंटमेंट होता था। मैं उनसे अपनी सारी चिंताओं के बारे में बात करती थी और उन्हें बताती थी मैं कैसे अपनी जटिलताओं से लड़ रही हूँ। उन्होने बड़ी आसानी से समझ लिया कि मुझमें मेरे शरीर, मुख्यतः वजन को लेकर बहुत हीन भावना है। वे हमेशा मुझसे कहते थे कि आत्मविश्वासी बनो और यह कि व्यक्ति के अंदर की चीजें बाहरी आवरण से कहीं ज़्यादा महत्वपूर्ण होती हैं। लेकिन मैं जानती थी कि मुझे क्या चाहिए! मुझे तो बस वजन घटाना था।
जॉगिंग और अन्य एक्सर्साइज़ करके वजन कम करने की अनगिनत कोशिशें कर लेने के बाद मैं एक दिन अपनी एक पुरानी सहेली पूर्वी से मिली। मैंने उसे बताया कि खाने की बहुत इच्छा करती हूँ क्योंकि गुजरा हुआ दौर मेरे लिए बहुत मुश्किल था। मेरे शहर में लगभग हर कोई जानता था कि मुझे दिमागी समस्याएँ हैं और सब लोग मेरे बारे में बाते करते थे।

मैंने पूर्वी का उल्लेख क्यों किया?

जब मैंने उसे देखा तो मैं दंग रह गई। वो बहुत ही सुंदर थी: लंबे पैर, पतली कमर और बेहद बढ़िया फिगर। वो हमारी कंपनी की सबसे प्रसिद्ध लड़की थी...लड़के उस पर से अपनी नज़रें हटा ही नहीं पाते थे।
एक बार, जब हम घूम रहे थे तो हम एक स्टोर में गए। मैं कुछ चॉक्लेट और चिप्स खरीदने गई थी...और मैं दंग रह गई जब मैंने पूर्वी को भी ये सब खरीदते देखा (ये सब तो ऐसी चीजें हैं जो इस तरह की लड़कियां कभी नहीं खातीं)। मैंने सोचा कि ये सब जंक फूड खाने के बाद भी ये कैसे इतना फिगर मेनटेन कर पाती है।
और आखिरकार उसने मुझे अपना राज बताया: वो रोजाना लेती है Green Coffee । मैंने इस प्रॉडक्ट के बारे में पहले कभी नहीं सुना था...इसके बाद उसने मुझे बताया कि ये वजन घटाने के लिए एक बहुत ही सादा सा स्प्रे है लेकिन आप इसको लेते हुए कुछ भी खा सकते हैं। हाँ मुझे पता है कि इस पर विश्वास करना कठिन है? पहले मुझे भी विश्वास नहीं हुआ था। मैंने सोचा कि इस प्रॉडक्ट को लेकर मैं अपने शरीर को नुकसान पहुंचा बैठूँगी, लेकिन पूर्वी बहुत अच्छी दिखती थी और वो हमेशा अच्छे मूड में भी रहती थी। और जहाँ मैं अपने दिन गंभीरता और गुस्से में बिताती थी, पूर्वी हमेशा ऊर्जा से भरी रहती थी। मैं कसम से जल कर राख़ हो जाती थी!
फिर तो मैंने दोबारा सोचा भी नहीं और अपनी मम्मी से कुछ पैसे मांग कर इसे खरीद लिया...14 दिनों बाद ही मैंने 22.5 किलो घटा लिए। मैंने जो देखा उस पर मुझे विश्वास नहीं हो रहा था। मेरे शरीर की चर्बी बहुत तेजी से कम होती जा रही थी! मैंने बिस्कुट, आइसक्रीम, चिप्स, बटर, पनीर आदि कुछ भी खाना भी नहीं छोड़ा था।
22.5 किलो घटाने के बाद मैं और आत्मविश्वासी हो गई और हाँ, इसका मेरी सोशल लाइफ पर भी बहुत प्रभाव पड़ा। मैं अपनी सहेलियों के साथ और समय बिताने लगी और एक लड़के ने भी मुझे डेट पर चलने कहा...

चलिये आपको बताती हूँ Green Coffee के बारे में। कहा जाता है कि इससे वजन घटता है, यह शरीर से जहर निकाल देता है और तनाव कम करने में मदद करता है। यह एक प्राकृतिक अवयवों से बना कॉम्प्लेक्स है जो बाकी के अवयवों का प्रभाव बढ़ा देता है। Green Coffee में 4 प्राकृतिक अवयव होते हैं: लाल शराब का नैचुरल सत्त, फ्यूकस, विटामिन बी6 और विटामिन बी1। इसे रोज 4 बार लेने से सबसे ज़्यादा फायदा होता है और इसे नाश्ते, लंच और डिनर के पहले ले लेना ही काफी होता है

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