Wednesday, 26 October 2016

सदा जवान बने रहने का आंवला फार्मूला

चिर युवा बनाने वाला द्रव्य आंवला

कोई भी व्यक्ति कभी यह नहीं चाहता कि वह जल्दी ही बुढ़ापे की अवस्था में चला जाये. क्योंकि बुढ़ापे की अवस्था में समय काटना बहुत ही कठिन हो जाता है. रोजाना छोटे छोटे कामो के लिए भी दुसरो पर निर्भर रहना पड़ता है. शरीर की शक्ति बहुत ही कम हो जाती है और आदमी अपने आप को लाचार मेहसूस करता है. परन्तु अप निराश ना हो अगर आप अभी अपने शरीर को थोडा सा कष्ट दे तो आप इस समस्या से निजात पा सकते है. अगर आप में अभी भी योवन के समय को वापस लेन की इच्छा है तो आप ऐसा निश्चित ही कर सकते है.

आप आयुर्वेद के सहारे चिरयुवा बन सकते है. एक बहुत ही प्रसिद्ध महर्षि थे जिनका नाम है चरक. उन्होंने ही बहुत पहले इस सम्बन्ध में अपने उपाय सबके सामने रखे थे और उनको विस्तार से बताया था. और आप भी इन उपायों को सर्दियों में अपना सकते है और लाभ उठा सकते है. क्योकि सर्दियाँ के समय जठराग्नि प्रबल होने के कारण आप कितनी ही कठोर चीज खा कर हजम कर सकते है. यही वो समय है  जब आप ताकत देने वाला खाना खा कर अपने शरीर को सेहतमंद बना सकते है.

इन सर्दियों में आप आंवले का इस्तेमाल कर सकते है. क्योंकि की आंवला सर्दी में ही आता है, आप इसे बाजार से भी ले सकते है. इस्तेमाल के लिए पके हुए आंवले बाज़ार से खरीद ले. शुरू में खाने में आंवला बहुत ही खट्टा होता है लेकिन थोड़ी देर बाद इसका स्वाद मीठा हो जाता है. आप इसको ऐसे भी खा सकते है या फिर इसका रस निकल कर भी इसका उपयोग किया जा सकता है. आंवले में विटामिन सी भरपूर मात्रा में मिलता है या फिर हम ऐसा भी कह सकते है कि आंवला विटामिन सी का भंडार है. आंवले के निकले हुए रस को खाना खाने के बाद पीना चाहिए और 2 या 3 चम्मच आंवले का रस ही भरपूर मात्र में विटामिन की पूर्ति कर देता है. अगर आपको ऐसे भी इसको खाने में परेशानी महसूस हो रही है तो आप इसको एक और तरीके से इस्तेमाल कर सकते है. आंवलो को दो दिन तक नमक के पानी में डाल कर पिला होने तक रखे रहने दो. जब आंवलो का रंग पूरा पिला हो जाये तब इनको नमक के पानी से निकाल लो. अब इन आंवलो को काट कर कांच युक्त बर्तन में रख दे. अब इनका स्वाद बदल जायेगा यह आपको खट्टे नहीं लगेंगे. और इनका स्वाद बहुत ही बढ़िया हो जायेगा. इसके अलावा आप इन आंवलो को पीस कर एक प्रकार का चूर्ण भी तैयार कर सकते है और उसको रोजाना खाने के बाद ले सकते है. 

आंवला वृद्धि बल बढाने के साथ अनेको रोगों के इलाज के लिए भी बहुत गुणकारी दवा के रूप में उपयोग किया जाता है. यह जिन रोगों में मददगार साबित होता है उनमे से कुछ रोग इस प्रकार है – रक्त पित्त, प्रमेह, सम्भोग शक्ति बढाने वाला, बुढ़ापे को दूर रखने वाला, नेत्र ज्योति बढ़ने वाला, वात,पित्त , कफ, अर्थात त्रिदोष का कम तमाम करने वाला, भोजन में रूचि बढ़ने वाला, शारीरिक शीतलता, गर्मी आदि का निवारण, थकान,उलटी, कब्ज आदि का हरण. आंवले के इस्तेमाल से व्यक्ति की आयु बढती है, शरीर का वजन  बढ़ने के लिए भी आंवले का उपयोग किया जाता है और इनमे यह बहुत ही फायदेमंद साबित होता है. रूक रुक कर पेशाब आने की स्थिति में आंवले के इस्तेमाल से इस समस्या का समाधान किया जा सकता है. आंवले का प्रयोग हम इसको अन्य पदार्थो के साथ मिलाकर भी कर सकते है और इसका लाभ उठा सकते है.


1.       आंवले का मुरब्बा -  आंवले का मुरब्बा बनाने के लिए आंवले के छलनी में घीस ले, फिर उसमे आंवलो की आवश्यकतानुसार चीनी मिला ले, अब इसको धीमी आंच पर गर्म कर ले. अब इसमें से ढेढ़ तार की चासनी निकल ले. अब इसमें इलायची व् केसर डालकर अच्छी तरह मिला कर कांच की बोतल में डाल ले. इस तैयार मुरब्बे के आपको अनेको लाभ मिलेंगे.


2.       रसायन चूर्ण 


3.       त्रिफला 


4.       आम्लिकी रसायन 


5.       आंवले का घी , यह सभी चीजे बाजार में हमेशा उपलब्ध रहती है जब आपको इनकी जरुरत महसूस हो तो आप इनको खरीद कर उपचार के तरीके के अनुसार इस्तेमाल कर सकते है.


आखिर में हम यह कह सकते है की इतने सारे गुणों के कारण एक दवा के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता है. इसे सभी प्रकार के व्यक्ति उपयोग में ला सकते है. इस तरह आप भी आंवले का प्रयोग करके अपने शरीर को निरोगी बना सकते है.

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