Sunday, 16 October 2016

दादी माँ के सभी घरेलू नुस्खे ! एक बार जरूर पढ़ियेगा मित्रो




दादी माँ के घरेलू नुस्खे

अब छोटी-छोटी परेशानियों के लिए बार-बार डॉक्टर के क्लिनिक के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं। ऐसी ही कुछ समस्याओं के बारे में हम बात कर रहे हैं। जो सामान्य रूप से किसी के भी साथ हो सकती है। हम आपको बताने जा रहे हैं कुछ ऐसे ही छोटे आसान और बेहद काम के सरल दादी माँ के घरेलू उपायों के विषय में जो कई समस्याओं से छुटकारा दिलाने में बड़े अचूक होते हैं-
हिचकी का घरेलु उपाय (Natural Remedy For HICCUP) 
हिचकी चलती हो तो 1-2 चम्मच ताजा शुद्ध घी, गरम कर सेवन करें।
छींक का घरेलु उपाय (Natural Desi Remedy For Sneeze)
- ताजा हरा धनिया मसलकर सूंघने से छींके आना बंद हो जाती हैं।
कैसे हटायें मस्से
- प्याज का रस लगाने से मस्सो के छोटे-छोटे टुकड़े होकर जड़ से गिर जाते हैं।
तुरंत गैस से राहत (Fast Gas Relief)
- गैस की तकलीफ से तुरंत राहत पाने के लिए लहसुन की 2 कली छीलकर 2 चम्मच शुद्ध घी के साथ चबाकर खाएं फौरन आराम होगा।
कैसे हों उल्टियां बंद (How to stop vomit)
- प्याज के रस में नींबू का रस मिलाकर पीने से उल्टियां आना तत्काल बंद हो जाती हैं। 
अब घर पर चमकाएं दांत (Natural Remedy For Shining Teeth)
- सूखे तेजपान के पत्तों को बारीक पीसकर हर तीसरे दिन एक बार मंजन करने से दांत चमकने लगते हैं।
एलर्जी
एलर्जी एक ऐसा शब्द,जिसका प्रयोग व्यापक रूप से होता आया है, आपने यह भी कहते हुए सुना होगा कि यार मुझे उससे बात करने में एलर्जी होती है। ऐसा ही कुछ हमारे सजीव शरीर में भी होता है, एलर्जी हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधकक्षमता के अतिसक्रियता के कारण उत्पन्न होने वाले एक प्रतिक्रिया है ,खासकर तब जब प्रतिक्रिया किसी सामान्य एवं हानिरहित पदार्थ से हो रही हो तो वह पदार्थ एलर्जन कहलाता है। ये प्रतिक्रियाएं
एक्वयार्ड,प्रेडिकटेबल एवं तीव्र होती हैं। आयुर्वेद शरीर रूपी क्षेत्र को एलर्जन रूपी बीज के प्रभाव से प्रतिरोधक क्षमता को संतुलित करने के सिद्धांत पर कार्य करता है, अत: हानिरहित औषधियां एलर्जी से बचाव में अत्यंत कारगर सिद्ध होती हैं।
Dadi Maa Ke Nuskhe:
सर्दी हो या गर्मी सुबह उठते ही नाक बंद हो जाने और लगातार छिंक आने से वे परेशान हैं तो केवल नियमित रूप से गिलोय की ताजी डंठलों का रस तथा ताजे आंवलें का रस निकालकर ,उन्हें नियमित रूप से 2-3 चम्मच की मात्रा में सेवन करें या करायें निश्चित लाभ मिलेगा गुनगुने पानी में एक चम्मच शहद ,आधा चम्मच नींबू का रस को कुछ महीनों तक लगातार लें ,देखें आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता में संतुलन आ जाएगा ,और आपको एलर्जी से सम्बंधित परेशानियों में अवश्य ही लाभ मिलेगा।
जोड़ो व घुटनों के दर्द से छुटकारा 
दादी माँ का घरेलु नुश्खा (Dadi Maa Ka Home Made Nuskha):
1. सवेरे मैथी दाना के बारीक चुर्ण की एक चम्मच की मात्रा से पानी के साथ फंक्की लगाने से घुटनों का दर्द समाप्त होता है। विशेषकर बुढ़ापे में घुटने नहीं दुखते।
2. सवेरे भूखे पेट तीन चार अखरोट की गिरियां निकालकर कुछ दिन खाने मात्र से ही घुटनों का दर्द समाप्त हो जाता है।
3. नारियल की गिरी अक्सर खाते रहने से घुटनों का दर्द होने की संभावना नहीं रहती।
जोड़ों के दर्द आस्टीयो-आर्थराईटीस पर शोध:

यदि आप जोड़ों के दर्द आस्टीयो- आर्थराईटीस से हैं, परेशान तो न घबराएं विशेषज्ञों की मानें तो आहार में कुछ परिवर्तन के साथ नियमित व्यायाम इस प्रकार के जोड़ों के दर्द को 50 प्रतिशत से अधिक कम कर सकता है। वेक फारेस्ट यूनिवर्सिटी के स्टीफन पी.मेसीयर के एक शोध में यह जानकारी दी गयी है, जिसे हाल ही में अमेरिकन कालेज आफ रयूमेटोलोजी के सालाना वैज्ञानिक सत्र में प्रस्तुत किया गया है।
आस्टीयो-आर्थराईटीस में सामन्यतया घुटनों की उपास्थि नष्ट हो जाती है ,तथा वजन में बढ़ोत्तरी ,उम्र एवं चोट ,जोड़ों में तनाव एवं पारिवारिक इतिहास आदि कारण इसे बढाने का काम करते हैं। ऐसे रोगियों में नियंत्रित आहार से वजन कम करना जोड़ों के दर्द को कम करने का कारगर उपाय है। यह अध्धयन 154 ओवरवेट लोगों में किया गया, जिनमें आस्टीयो-आर्थराईटीस के कारण घुटनों का दर्द बना हुआ था, इस शोध में लोगों को रेंडमली चुना गया, तथा उन्हें केवल आहार नियंत्रण एवं आहार नियंत्रण के साथ नियमित व्यायाम कराया गया और इन समूहों को एक कंट्रोल समूह से तुलना कर अध्ययन किया गया। इस अध्ययन से यह बात सामने आयी, कि आस्टीयो- आर्थराईटीस से पीडि़त रोगियों में वजन कम करना घुटनों के दर्द से राहत पाने का एक अच्छा विकल्प है। 
चेहरे के दाग-धब्बे को हटाने के नुस्खे
-चेहरे के काले दागों को मिटाने के लिए टमाटर के रस में रुई भिगोकर दागो पर मलें। काले धब्बे साफ हो जाएंगे
- रोजाना सुबह एक गिलास टमाटर के रस में नमक, जीरा, कालीमिर्च मिलाकर पीएं।
चेहरे पर नारियल पानी लगाएं।
- आलू उबाल कर छिलके छील लें और इसके छिलकों को चेहरे पर रगड़ें, मुहांसे ठीक हो जाएंगे।
- जायफल को घिसकर दस पीसी काली मिर्च व थोड़े कच्चे दूध में मिलाकर पेस्ट बनाकर चेहरे पर लगाएं। दो घंटे बाद चेहरा धो लें।
- त्वचा पर जहां कभी चकते हो उन पर नींबू का टुकड़ा रगड़े। नींबू में फिटकरी भरकर रगड़े। इससे चकते हल्के पड़ जाएंगे और त्वचा में निखार आएगा।
-नींबू के छिलके गर्दन पर रगडऩे से गर्दन का कालापन दूर होता है।
- संतरे के छिलकों को सुखाकर पीस लें। इसमें नारियल का तेल व थोड़ा सा गुलाब जल मिलाकर चेहरे पर लगाने से त्वचा कोमल बन जाती है।
- संतरे के छिलके व नींबू छिलके को बारीक पीसकर दूध में मिलाकर चेहरे पर लगाने से निखार आ जाता है।
- मसूर की दाल और बरगद के पेड़ की नर्म पत्तियां पीसकर लेप करें अथवा दालचीनी पीसकर दूध की मलाई के साथ लगाएं।
- मुहांसों के दाग-धब्बे चेहरे पर ज्यादा हो तो दही को उबटन की तरह इस्तेमाल करें।

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