Sunday, 16 October 2016

पीठ पर दाग-धब्बों और मुंहासों के लिए घरेलू उपाय

पीठ पर दाग-धब्बों और मुंहासों के लिए घरेलू उपाय



सामान्यतौर पर मुंहासों को एक्ने कहा जाता है, वैसे पीठ या बैक पर निकले मुंहासों को ‘बैक्ने’ भी कहा जाता है | चेहरे के मुंहासे आसानी से ठीक हो जाते हैं, पर पीठ, वक्ष व बाहों के ऊपरी भाग पर मुंहासे और उनके दाग ठीक होने में वक्त लग जाता है | इसकी वजह है पीठ पर चेहरे की तुलना में ज्यादा मोटे रोमछिद्र होते हैं और इनकी तैलीय ग्रंथियां ज्यादा एक्टिव होती हैं, मुंहासो के लिए जिम्मेदार बैक्टीरिया भी ज्यादा होते हैं | पीठ पर मुंहासे होने पर पसीना उनकी स्थिति और भी भयंकर बना देता है | इसलिए इनकी देखभाल ज्यादा करने की जरुरत होती है | कुछ खास बातें ध्यान में रखें |

मुंहासों की वजह

पीरियड्स या प्रेगनेंसी के दौरान हारमोन्स में बदलाव के कारण सिबेशियस ग्रंथियां काफी एक्टिव हो जाती हैं । इसकी वजह से ग्रंथियों से निकलता तेल और मृत कोशिकाएं दोनों रोमछिद्र के ऊपर जमा हो कर ब्लैक हेड या वाइट हेड का रूप ले लेती हैं । गुलाबी रंग की मोटी फुंसियां जिनमें पस पड़ जाती है और जलन होती है, मुंहासों का रूप ले लेती हैं ।
शरीर में स्ट्रेस हारमोन का स्तर बढ़ने से मेल हारमोन का स्तर बढ़ जाता है । इससे त्वचा तैलीय हो जाती है और उसमें मौजूद रोमछिद्र बंद हो जाते हैं । नतीजा, कोशिकाओं को सांस लेने का मौका नहीं मिलता और कील-मुंहासे होने लगते हैं । लेकिन घरेलू उपाय अपना कर इन्हें बनने से रोका जा सकता है और इनके दाग-धब्बों को कंट्रोल किया जा सकता है ।

आसान घरेलू उपाय

टमाटर और एलोवेरा पल्प : टमाटर के गूदे को मैश करके एलोवेरा के पल्प के साथ मिक्स कर लगाएं । इसे 30 मिनट तक पीठ पर लगा रहने दें और ठंडे पानी से धो लें । इसमें विटामिन ए और सी होते हैं, जो खुले रोमछिद्र के साइज को छोटा कर देते हैं । त्वचा कम समय में स्वस्थ होने लगती है ।
नीबू, ग्लिसरीन और गुलाबजल : नीबू, गुलाबजल और ग्लिसरीन को किसी बोतल में बराबर मात्रा में ले कर मिलाएं । पीठ, बांहों और छाती के ऊपरी भाग में रात को नहाने के बाद लगाएं और अगली सुबह धो लें । इससे दाग-धब्बे धीरे-धीरे दूर हो जाएंगे । लेकिन मुंहासों पर इसे ना लगाएं ।
शावर बाथ : जब भी खूब एक्सरसाइज करें, रस्सी कूदें या अन्य खेल खेलें, घर आ कर शावर बाथ लें, जिससे गंदगी और बैक्टीरिया घुल कर साफ हो जाएं । एंटीबैक्टीरियल बॉडी वॉश का इस्तेमाल करें । नीम की उबली पत्तियों, पोदीने की ताजी पत्तियों के रस और नीबू के रस मिले पानी से भी नहा सकती हैं । फ्रेशनेस के साथ-साथ ठंडक महसूस होगी और मुंहासे कुछ दिनों में सूख जाएंगे । दाग भी धीरे-धीरे कम हो जाएंगे ।
जौ का पाउडर : जौ के आटे में त्वचा से अतिरिक्त तेल सोखने के गुण होते हैं । सादा जौ का आटा पका लें । इसमें शहद मिलाएं और ठंडा कर के साफ पीठ पर लगाएं । इसे 20 मिनट लगा रहने दें और गुनगुने पानी से धो लें ।
पोदीने और तुलसी का पैक : पोदीने का रस, चुटकीभर हल्दी और थोड़ा सा तुलसी का रस मिला कर मुलतानी मिट्टी में मिलाएं । इसे 15 मिनट तक पीठ पर लगा कर रखें और गुनगुने पानी से धो लें । इस पैक में मौजूद एंटीसेप्टिक गुण आपको दर्द और जलन से राहत देंगे ।
दालचीनी पाउडर और पोदीने का रस : ताजे पोदीने के रस में थोड़ा सा दालचीनी पाउडर मिलाएं और साफ पीठ पर फेस पैक ब्रश से इस पैक की एक लेअर लगाएं, सूखने तक लगा रहने दें और ठंडे पानी से शावर ले लें।
लाल चंदन और लौंग व नीम की छाल : लाल चंदन व नीम की छाल को गुलाबजल के साथ घिस लें और इसमें लौंग पाउडर मिलाएं । साफ पीठ पर लगाएं । सूखने पर नहा लें और ऑइल फ्री मॉइश्चराइजर लगाएं ।
जायफल और कच्चा दूध : जायफल पाउडर और दूध को मिला कर पेस्ट बनाएं । पीठ को साफ करके इस पर पेस्ट लगाएं और 2 घंटे के लिए इसे रखें । ठंडे पानी से धो लें और ऑइल फ्री मॉइश्चराइजर लगा लें । बाकी बचे पैक को एअर टाइट कंटेनर में रख कर फ्रिज में रखें ।
सॉल्ट एक्सफोलिएशन : मुंहासों के दाग पीठ का पीछा नहीं छोड़ रहे हैं, तो समुद्री नमक और ट्री टी ऑइल मिला कर पीठ की हल्के हाथ से मालिश करें । 5-7 मिनट के बाद ठंडे पानी से पीठ धो लें ।
एंटीबैक्टीरियल हनी पैक : ग्रीक महिलाएं रंग निखारने के लिए अपने चेहरे पर शहद मलती थीं । इसके एंटीबैक्टीरियल गुण के कारण चेहरे पर दर्दरहित मुंहासे होते हैं । नीबू और शहद को बराबर मात्रा ले कर पीठ पर लगाएं, इससे जल्दी लाभ मिलता है ।
कूल पैक : चंदन और तुलसी, सेब और शहद, पके पपीते का गूदा, नीबू और टमाटर व विच हेजल का पैक भी आजमा सकते हैं । इन सभी पैक्स को 15 मिनट से ज्यादा त्वचा पर लगा कर नहीं रखें ।

एक्स्ट्रा केयर

सही पोजिशन : पीठ के मुंहासों की स्थिति भयंकर हो चुकी है, तो पीठ के बल नहीं सोएं । इससे उन पर रगड़ नहीं लगेगी । करवट ले कर सोने में आराम रहेगा । कभी भी मुंहासों को खरोंचे नहीं । इससे संक्रमण की आशंका रहेगी, ना ही किसी चीज से उन्हें फोड़ें ।
सही फैब्रिक : हमेशा साफ सूती कपड़े पहनें और हर हफ्ते बेडशीट बदलें । सूती के अलावा ऐसे फैब्रिक का इस्तेमाल ना करें, जिसमें से हवा पास नहीं होती हो । इससे बैक्टीरियल इन्फेक्शन होगा और मुंहासों की स्थिति बहुत खराब हो जाएगी ।
स्किन मॉइश्चराइजर : ऐसा नहीं है कि मुंहासोंवाली त्वचा पर कोई मॉइश्चराइजर ना लगाया जाए, बल्कि ऑइल फ्री मॉइश्चराइजर से स्किन को जितनी नमी चाहिए उतनी ही मिलेगी और त्वचा चिपचिपी नहीं होगी । आप अपनी त्वचा के मुताबिक मॉइश्चराइजर फॉर सेंसेटिव स्किन या मॉइश्चराइजर फॉर ऑइली स्किन चुन सकती हैं । मॉइश्चराइजर फॉर सेंसेटिव स्किन उस त्वचा के लिए हैं, जिनमें रैशेज और मुंहासों दोनों की समस्या हो । इस मॉइश्चराइजर को लगाने के बाद फेस पाउडर ना लगाएं ।
स्पेशल फूड : कुछ ऐसे खास फल-सब्जियां खाएं, जो शरीर को विषमुक्त (डिटॉक्स) करती हैं । दिन की शुरुआत गुनगुने पानी में शहद की कुछ बूंदें व नीबू रस डाल कर पी कर करें । अनार व संतरे का रस काफी फायदेमंद होता है । ग्रीन टी पिएं, इसमें मौजूद एंटी ऑक्सीडेंट मुंहासों को जल्दी ठीक करने की क्षमता रखता है । पानी भी शरीर को विषमुक्त करते हैं । दिनभर में कम से कम डेढ़ लीटर पानी पिएं ।

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