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Friday, 4 November 2016

कलौंजी के बारें में रोज पढ़ते हो किंतु क्या इसके सही प्रयोग जानते हो ?

कलौंजी के बारें में रोज पढ़ते हो किंतु क्या इसके सही प्रयोग जानते हो ?


देखने में काले तिल जैसे लगने वाले कलौंजी की फलियों के बीज कुछ कुछ लहसुन की सी गंध लिये हुये होते हैं । आयुर्वेद में चिकित्सार्थ प्राय कलौंजी के इन्ही बीजों का तेल अथवा सम्पूर्ण बीज ही प्रयोग होते हैं । कहा जाता है कि यदि सही युक्तिपूर्वक कलौंजी का प्रयोग किया जाये तो ऐसा कोई रोग नही है जिसको यह ठीक ना कर सके । इस पोस्ट में कुछ विशिष्ट रोगों में कलौंजी के आसान और प्रभावकारी प्रयोग बताये जा रहे हैं
1 :- बालों के रोगों में :- बालों के टूटने और रूखे बेजान होने के अलावा जो रोग बहुत परेशान करते हैं वो होते हैं बालों में जूँ हो जाना और रूसी होना । ये समस्यायें पैदा होने पर 2-3 चम्मच कलौंजी के बीज लेकर उनको थोड़ा सा कूट लें और चोथाई कटोरी पानी में डाल दें । 15-20 मिनट के बाद इस पानी को कलौंजी के बीजो के साथ ही अच्छे से चला दें और फिर अपने सिर में इस पानी को इस तरह मालिश करें जैसे कि तेल की मालिश करते हैं । लगभग 15 मिनट तक मालिश करें और फिर आधा घण्टा तक सिर में ही लगा रहने दें । उसके बाद सिर और बालों को ताजे पानी से धो लें । लगातार 5-7 दिन के प्रयोग से ही बालों से जूँ और रूसी ऐसे गायब हो जायेंगे जैसे कभी थे ही नही साथ ही बाल चमकदार और मुलायम हो जायेंगे ।
2 :- कुष्ठ आदि त्वचा रोगों में :- कुष्ठ जैसे जिद्दी त्वचा रोगों में कलौंजी का प्रयोग बहुत ही लाभकारी पाया जाता है । जब इस तरह का कोई रोग होता है तो कलौंजी के तेल का लेप करने से लाभ होता हुआ देखा जाता है । यह लेप कुष्ठ की जड़ को साफ करता है साथ ही स्वस्थ त्वचा के निर्माण में मदद करता है । इस तेल के लेप के साथ ही यदि कुष्ठ निवारक औषधियों का भी सेवन किया जाये तो यह उन औषधियों के प्रभाव को भी कई गुना तक बढ़ा देता है ।
3 :- मुँहासों के उपचार हेतु :- कलौंजी का प्रयोग चेहरे पर हो जाने वाले मुँहासों के इलाज के लिये भी किया जा सकता है । जब चेहरे पर मुँहासे हो जाते हैं तो कलौंजी के 3-3 ग्राम रोज सुबह शाम को ताजे पानी के साथ सेवन करने से इन मुँहासों की सफाई हो जाती है और निशान भी गायब हो जाते हैं ।
4 :- बवासीर की समस्या में :- बवासीर चाहे किसी भी तरह की हो सूखी अथवा खूनी, कलौंजी लाभ जरूर करती है । प्रयोग का तरीका बिल्कुल आसान है । आधा कटोरी ताजी जमी दही में आधा चम्मच कलौंजी के बीज डालकर रोज सुबह खाली पेट खाने से 4-5 दिन में ही आराम होने लगता है ।
5 :- बुखार में :- बुखार बार बार लौट के आता हो, पुराना हो अथवा ताजा बुखार हो भुनी हुई कलौंजी का सेवन बहुत ही लाभकारी होता है । बुखार की जड़ को खत्म करने के लिये 10 ग्राम भुनी हुई कलौंजी को 10 ग्राम शहद में मिलाकर एक सप्ताह तक रोज सुबह शाम प्रयोग करने से बहुत ही अच्छा लाभ होता है ।
कलौंजी से मिलने वाले लाभों की जानकारी आपको अच्छी लगी हो तो शेयर जरूर करना ।

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