Thursday, 10 November 2016

कहीं आप गलत दिशा में तो नहीं सोते, हो सकती हैं ये गंभीर बीमारियां

कहीं आप गलत दिशा में तो नहीं सोते, हो सकती हैं ये गंभीर बीमारियां


हर इंसान चाहता है कि दिन भर की थकान के बाद घर आकर वह चैन की नींद सो सके। ताकि वह तरोताजा महसूस कर सके, लेकिन आपने ज्यदातर समय में यह महसूस किया होगा कि सो कर उठने के बाद भी आप तरोताजा महसूस नहीं करते या फिर सो कर उठने के बाद भी आपको नींद आती रहती है।

आपको बता दें कि कईं बीमारियां ऐसी हैं जो सोने मात्र से ही छूमंतर हो जाती हैं। बस जरूरत है तो दिशा देखकर सोने की। आपने अक्सर लोगों को कहते हुए सुना होगा कि उत्तर दिशा में सिर रखकर नहीं सोना चाहिए। क्या आप जानते हैं कि क्यों लोग ऐसा कहते हैं या फिर क्यों उत्तर दिशा की ओर नहीं सोना चाहिेए, नहीं ना।
आपके दिमाग में ये बात नहीं आई कि आखिर उतत्र की दिशा में सोने को क्यों माना किया जाता है, तो हम आपको बताते है कि उत्तर दिशा में सोने से आपके स्वास्थ्य पर क्या नकारात्मक प्रभाव पड़ते हैं। और किस दिशा में सोने के आपको फायदे मिल सकते हैं ।
उत्तर दिशा में सोने के नकारात्मक प्रभाव
जब शरीर में रक्त की कमी होती है तो उससे एनीमिया या रक्तल्पता होता है जिसे ठीक करने के लिए डॉक्टर आयरन लेने का सलाह देते है।क्योंकि आयरन रक्त का एक बहुत ही महत्वपूर्णँ तत्व होता है। जिस प्रकार पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र (मैगनेटिक फील्ड) होते हैं। उसी प्रकार यदि आप उत्तर दिशा की ओर सिर रखकर 5 से 6 घंटों तक सोते हैं तो चुंबकीय खिंचाव आपके दिमाग पर दबाव डालने लगता है।
मानव हृदय शरीर के तीन-चौथाई भाग में ऊपर की ओर होता है, गुरूत्वाकर्षण के कारण शरीर में रक्त को ऊपर की ओर पहुचंने से ज्यादा कठिन नीचे की ओर पहुचंना होता है। दरअसल हमारे शरीर  की रक्त शिराएं ऊपर की ओर जाती है पर दिमाग में जाते समय ये शिराएं लगभग बालो जितनी पतली होती है और ज्यादा दबाव पड़ने पर ये फट भी सकती है और रक्तस्राव भी हो सकता है।

गलत दिशा में सोने से हो सकती हैं लकवे, स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारियां
देखा जाए तो 35 साल की उम्र में बुद्धिमत्ता के स्तर में गिरावट आ जाती  है। गलत दिशा में सोने पर इन धमनियों को नुकसान पहुंच सकता है। ऐसा चुंबकीय खिचांव के कारण होता है। सोते समय जब शरीर बिल्कुल सीधा होता है तो नाड़ी की गति धीमी हो जाती है।
शरीर में ये बदलाव इसलिए आता है क्य़ोकि रक्त अगर उसी स्तर पर रहेगा तो सिर में जरूरत से अधिक रक्त पहुंच सकता है और ये शरीर के लिए बहुत नुकसानदेह हो सकता है। अगर आप 5-6 घंटे तक उत्तर दिशा में सिर रखकर सोते है तो चुंबकीय खिंचाव सीधा दिमाग पर दबाव डालता है।
एक निशचित उम्र को पार करने के बाद हमारी रक्तशिराएं कमजोर हो जाती है और  गलत दिशा में सिर रखकर सोने से लकवे और स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। गलत दिशा में सोने से कई तकलीफे होती हैं जैसे चैन की नींद नही आना।  ऐसा इसलिए होता है क्योंकि सोते समय दिमाग में जितना रक्त जाना चाहिए उससे ज्यादा प्रवाह हो जाता है। थोड़े समय तक कोई समस्या सामने नहीं आती लेकिन लंबे समय तक गलत दिशा में सिर रखकर सोने से ये समस्याएं हो सकती है।

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