Saturday, 28 January 2017

थायराइड के उपचार और समस्याएं

thyroid ka upchar in hindi – जब थायराइड ग्लैंड के काम करने की प्रणाली में बाधा उत्पन होती है तो इस से कई तरह की शारीरिक समस्याओ से हमे दो चार होना पड़ता है जैसे कि उच्च रक्तचाप ,नब्ज का धीमा होना या सामान्य से अधिक तेज होना , दिल की अनियंत्रित धड़कन छाती में दर्द ,धमनी में ब्लॉकेज हार्ट का फेल होना जैसी कई गंभीर समस्याएं है जिनसे हमे थायराइड ग्रंथि के काम करने तरीके को प्रभावित होने की दशा में झेलना पड़ता है थायराइड रोग में कार्यप्रणाली में रूकावट दो तरीके से होती है या तो यह कम हो जाती है जिसे हम हाइपोथायराइडइज्म कहते है और या यह बढ़ जाती है जिसे हम हाइपरथायराइडिज्म कहा जाता है मेडिकल विज्ञानं की भाषा में

थायराइड के उपचार और समस्याएं


हाइपोथायराइडिज्म – थायराइड ग्लैंड की कार्यप्रणाली धीमी हो जाने पर दिल की धड़कन कम हो जाती है और रक्त संचार भी कम हो जाता है और लम्बे समय तक ऐसा ही रहने पर हमारे मेटाबोलिज्म पर इसका खतरनाक असर होती है जिसकी वजह से कोलेस्ट्राल का स्तर अधिक हो जाता है और और इसके लक्षणों में जल्दी थकान और वजन का बढ़ना शामिल है |
हाइपोथायराइडिज्म के उपचार – एक बार खून के टेस्ट के बाद इसका उपचार बहुत आसान है इसमें रोगी की कमी को  थायराइड हार्मोन प्रेपंशन से बदल कर इसका उपचार किया जाना संभव होता है और इलाज के लिए थायरोक्सिन और इसके सिंथेटिक विकल्प आज की आधुनिक चिकित्सा विज्ञानं के पास मौजूद है |
हाइपरथायराइडिज्म -थायरोक्सिन हार्मोन का स्तर बढ जाने की दशा में यह हमारे दिल को तेजी से धडकने के लिए उतेजित करता है जिस से हमारा दिल तेजी से धडकता है और इस अवस्था को टेचिकार्डिया भी कहते है इसमें दिल की धडकन बढ़ने के कारन रोगी को अपना दिल और मन डूबता हुआ सा महसूस होता है |
हाइपरथायराइडिज्म का उपचार –  हाइपरथायराइडिज्म के इलाज के लिए और इसके प्रभावों को कम करने के लिए कुछ खास तरह के ट्रीटमेंट की जरुरत होती है और दिल की धड़कन को कम करने के लिए डॉक्टर की देखरेख में हाइपरथायराइडिज्म के अन्य लक्षण जिसमे हृदय गति बढ़ने के साथ साथ बैचेनी और उँगलियों का काम्पना शामिल है का इलाज अच्छे से किया जाना आवश्यक है 

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