Saturday, 28 January 2017

लहसुन के कुछ कमाल के स्वास्थ्य लाभ जानिए

लहसुन के कुछ कमाल के स्वास्थ्य लाभ जानिए


Garlic यानि लहसुन खाने में ना केवल चटपटापन और तीखेपन के स्वाद लेकर आता है अपितु इसके health benefits भी बहुत सारे है क्योंकि यह तीक्षण होता है | garlic यानि लहसुन प्याज परिवार का हिस्सा है और अधिकतर पूरी दुनिया में इसकी खेती की जाती है और इसके तीखे taste की वजह से घरेलू उपचारों और अधितकर खाने में इसकी बड़ी demand है और अगर मानव जाती के इतिहास और लहसुन के प्रयोग की बात करे तो सदियों पहले से लोग लहसुन के बारे में परिचित थे और इसका उपयोग चिकित्सा हेतु किया जाता रहा था | स्वाद में इसी वजह से इसके तीखेपन में भी बहुत सारे medical advantage छुपे है जिनके बारे में आपको जानकारी होनी चाहिए तो चलिए कुछ ऐसे health benefits के बारे में हम बात करते है जो हम garlic से प्राप्त कर सकते है

चूँकि garlic में पोषक तत्व ज्यादा होते है और केलोरिएज कम होती है जिसकी वजह से मोटापे से ग्रस्त लोग इसका इस्तेमाल कई तरह से कर सकते है और 28 ग्राम garlic में निम्न पोषक तत्व होते है –

  • Manganese: 23% of the RDA.
  • Vitamin B6: 17% of the RDA.
  • Vitamin C: 15% of the RDA.
  • Selenium: 6% of the RDA.
  • Fiber: 1 gram.
  • प्रचुर मात्र में Calcium, Copper, Potassium, Phosphorus, Iron and Vitamin B1 भी पाया जाता है |
लहसुन के सेहत के फायदे / heath benefits of garlic
  • garlic आपके शरीर में कमजोरी दूर करता है और चूँकि इसमें iron की भी अच्छी खासी मात्रा होती है जिसकी वजह से यह लाल रक्त कोशिकाओं के लिए बहुत फायदेमंद होता है |
  • आपके immunity के लिए भी लहसुन कमाल का होता है और समय मौसमी बीमारियों से आपकी रक्षा करता है |
  • साथ ही एंटीओक्सिडेंट ,एंटीबायोटिक होने के कारण इसका नियमित सेवन आपको कई तरह की असाध्य बीमारियों से सुरक्षित रख सकता है जिसमे heart desease  , blood pressure और कोलेस्ट्रोल के स्तर को नियमित करना शामिल है |
  • डायरिया जैसे रोग से भी लहसुन आपको बचाके रखता है और नाश्ते में अगर आप इसका सेवन करते है तो बेहतरीन होता है |
  • garlic के नियमित सेवन से आपकी पाचन क्षमता में visible सुधार आता है जिसकी वजह से आपको भूख भी नियमित होने लगती है और आपके शरीर की कई तरह की चीज़े जो आपकी पाचन क्षमता पर निर्भर करती है उनमें आप सुधार महसूस कर सकते है |
  • cancer जैसे असाध्य रोग में लहसुन का सेवन आपके लिए बेहद फायदेमंद होता है |
  • बढ़ते blood pressure की समस्या को भी control करता है |
  • Alzheimer’s Disease and Dementia जैसी बीमरियों से भी आपको बचाता है गार्लिक का सेवन आपको |
  • एथलीट के खाने में सामान्य तौर पर garlic शामिल होता है क्योंकि या stamina और पाचन शक्ति बढ़ा देता है जिसकी वजह से doctor इसे खाने की सलाह देते है |

पेट में गैस की समस्या और इलाज

पेट में गैस की समस्या हमारी पाचन प्रणाली में समस्याओ में से एक है और हम सभी कभी न कभी इस समस्या से दो चार होते ही है | अक्सर पेट में गैस के कारण हमे कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है जैसे कि पेट का फूला फूला सा महसूस होना और ऐसे में हम काफी असहज महसूस करते है और हमारे काम करने की क्षमता पर भी इसका बुरा असर पड़ता है | चलिए पेट में बनने वाली गैस के कारण और उसके लिए किये जाने वाले कुछ उपायों के बारे में हम जानकारी प्राप्त करते है –

पेट में गैस बनने के कारण


चाय और कॉफ़ी – यह हमारी पेट में गैस बनने की समस्या का मूल कारण है क्योंकि चाय और कॉफ़ी का सेवन अगर संतुलित हो तो इतनी परेशानी नहीं होती है लेकिन आज के खानपान के अनुसार work load अधिक होने पर हम काफी दबाव महसूस करते है और खुद को अधिक देर तक तरोताजा बनाये रखने के लिए हम अक्सर चाय और कॉफ़ी का अधिक सेवन करते है कभी कभी हम यह देर रात तक जागने के लिए भी करते है | चूँकि कॉफी अम्लीय होती है इसलिए यह हमारे पेट में गैस की समस्या को बढ़ा देती है |
Pet me gas ka gharelu ilaj पेट में गैस की समस्या

खाली पेट होना – चूँकि हमारे पेट की आंते और अन्य पाचन के अंग तब भी काम करते है जब हमे भूख लगती है और हम समय पर कुछ नहीं खा पाते और क्योंकि भोजन पचाने के लिए हमारे पेट में कई तरह के अम्ल बनते है इसी वजह से लम्बे समय तक भूखे रहने से पेट में acidity बढ़ जाती है और हम पेट की गैस के शिकार हो जाते है |
गैस पैदा करने वाले भोज्य पदार्थो का सेवन – राजमा ,सफेद चने ,फूल गोभी भारी दालें और देर से पचने वाले भोजन को खाने से भी पेट की परेशानियो से हमे दो चार होना पड़ता है |
लत भोज्य पदार्थो का मिश्रण – हम जब भी खाना खाते है तो ध्यान रखने की जरुरत है कि कुछ भी ऐसा नहीं खाएं जो भोजन की प्रकृति के अनुसार बेमेल हो जैसे कि खाने के बाद तरबूज का सेवन हमारे पेट में गैस बनाता है इसलिए इस तरह के बेमेल खाद्य पदार्थो के सेवन से जितना हो सके बचे | जल्दी जल्दी और बिना चबा कर किया गया भोजन भी पेट में गैस पैदा करता है |
गैस के उपचार – इसमें दो तरह से हम राहत के उपायों के बारे में सोच सकते है जिसमे से एक तो तुरंत राहत देने वाला होता है और दूसरा है दीर्घकालीन उपचार
तुरंत राहत के लिए क्या करें –
अदरक – अदरक का एक छोटा सा टुकड़ा दातों से अच्छे से चबाये और उसके बाद गर्म पानी का एक ग्लास पियें या इसके अलावा आप अदरक को पानी में उबाल कर भी पी सकते है |
मेथी के बीज – पानी और मेथी के बीजो से तैयार काढ़ा आपके पेट की गैस की तकलीफ को काफी हद तक कम कर सकता है इसलिए इसका इस्तेमाल भी आप कर सकते है |
काला नमक – गर्म पानी में थोड़ी मात्र में काले नमक को मिलकर आप अपनी पेट की तकलीफ से आराम पा सकते है |
दीघकालीन उपाय – 
  • लम्बे समय तक भूखे नहीं रहे |
  • आयुर्वेद के किसी विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार त्रिफला पाउडर के साथ अलोवेरा का जूस पीने से भी लाभ मिलता है |
  • शारीरिक तौर पर एक्टिव रहे और व्यायाम करते रहे |
  • सुबह की शुरुआत अच्छे से करें और अपनी दिनचर्या को बेहतर करें |
  • तनाव को खुद पर हावी नहीं होने दें |



स्लिम ट्रिम होने का तरीका

मोटापा कम कैसे करे आईये जानते है (Get slim hindi tips)


Know how to get slim hindi – खानपान की बदलती आदतों और व्यस्त जीवनशैली ने इंसानी जिन्दगी में भी बहुत कुछ बदल दिया है और जिसकी वजह से हम कई तरह की परेशानियो से गुजरते है जिसमे ‘मोटापा’ एक बड़ी समस्या है | एक सीमा तक कुछ “Healthy” होना ठीक है लेकिन अगर ये आपकी सेहत के लिए परेशानी खड़ी करने लगे तो जान लीजिये ये खतरे की घंटी है |
क्यों होता है मोटापा – मोटापा होने के कई कारण हो सकते है जिनमे से कुछ मुख्य निम्न है –
  • सबसे मुख्य कारण है खानपान सम्बन्धी कुछ गलत आदतें क्योंकि फास्टफूड के चलन के बाद छोटी उम्र में ही बच्चे फास्टफूड का शौकिया तौर पर अधिक सेवन करते है जिसकी वजह से शरीर में अत्यधिक वसा का जमाव हो जाता है और यही मोटापे का अहम कारण भी है |
  • व्यस्त जीवनशैली भी मोटापे का बड़ा कारण है क्योंकि जिन्दगी की भागदौड़ में हम इतने खो जाते है कि हम अपने शरीर के बारे में उचित देखभाल करने की सोच ही नहीं पाते और जिन लोगो का प्रोफेशन ऐसा है कि उन्हें अधिकतर समय बैठे रहना होता है उनके साथ ये समस्या अधिक देखने को मिलती है |
  • शारीरिक गतिविधियां नहीं के बराबर करने पर भी शरीर में उर्जा के खपत और उर्जा के ग्रहण के बीच में संतुलन नहीं रह जाता है जिसकी वजह से हम मोटापे के शिकार हो सकते है |
  • कभी कभी यह आनुवंशिक या बचपन से ही हो सकता है जो युवावस्था तक बना हुआ रह सकता है लेकिन ऐसा कम ही होता है |
मोटापे से होने वाली परेशानिया – मोटापे से कई तरह की परेशानिया और विकार पैदा होते है जैसे कि  हृदय रोग, मधुमेह, निद्रा कालीन श्वास समस्या, कई प्रकार के कैंसर और ऑस्टेयोआर्थ्राइटिस जैसी गंभीर बीमारियों के मूल में मोटापा हो सकता है इसलिए हमे अपने भोजन संबधी आदतों के बारे में हमेशा सजग रहना चाहिए और समय समय पर खुद का मुल्यांकन करते रहना चाहिए |

मोटापा कैसे कम करें – हालाँकि इस बारे में आपको बहुत से लेख इन्टरनेट पर मिल सकते है जिनमे से कुछ ऐसे है जो आपके लिए लाभप्रद हो सकते है जबकि कुछ ऐसे भी है जिन्हें follow करने के लिए आपको मेहनत लगती है लेकिन कुछ ऐसे तरीके है जिनकी मदद से आप बड़ी आसानी से खुद में ज्यादा कुछ बदलाव नहीं करते हुए भी मोटापे जैसी समस्या से निजात पा सकते है |
चबा कर खाना खाएं -बहुत से लोग इस बारे में यही कहते हुए नजर आते है कि वो तो हमेशा यही करते है लेकिन आप जान ले किसी भी समस्या से निजात पाना कोई rocket science नहीं है और खासकर तब तो बिलकुल भी नहीं जब कुछ दुष्परिनाम आपकी आदतों से जुड़े हो क्योंकि आप उन्हें बड़ी आसानी से अपनी आदतें सुधारते हुए बदल सकते है ऐसे ही अगर आप खाने को अच्छे से चबा चबा कर खाते है यह खाने को छोटी छोटी बाइट के रूप में खाते है तो खाने के कुछ समय बाद आप खुद को कम भूखा महसूस करते है जबकि वो लोग जो जल्दीबाजी में खाना खाते है उन्हें धीरे खाने वालों के मुकाबले अधिक भूख महसूस होती है |
धीरे धीरे खाएं – धीरे धीरे खाने के पीछे लॉजिक ये है कि जब आप जल्दी जल्दी खाते है तो खाते समय आप उन लोगो से अधिक उर्जा नष्ट करते है जो लोग धीरे धीरे खाते है इसलिए खाने के बाद जल्दी खाने वालों को भूख अधिक लगती है फलस्वरूप उन्हें अधिक भोजन लेना होता है क्योंकि ऐसे में लोग overeating के शिकार हो जाते है इसलिए जितना हो सके आराम से खाएं |

खाना खाने के बाद रखें इन बातों का ध्यान

जिस तरह खाने के पहले हम कुछ अच्छी आदतों को अपनी जिन्दगी में शुमार करते है उसी तरह खाना खाने के बाद भी कुछ जरुरी बातें है जिनके विषय में हमे जानकारी होना आवश्यक है क्योंकि खाने के बाद कुछ चीज़े हमारे लिए जन्हा लाभदायक होती है वन्ही कुछ चीज़े हमारे लिए नुकसानदेह भी होती है इसलिए ये जरुरी है कि हमे खाने के बाद के कुछ नियमो की जानकारी तो होनी ही चाहिए इसलिए आज हम आपसे खाना खाने के बाद के कुछ नियमो की जानकारी साझा कर रहे है जो आपके लिए उपयोगी होगी 

खाना खाने के बाद क्या करें और क्या न करें

खाने के बाद कभी चाय नहीं पिए – मैं भी अक्सर इस आदत से परेशान महसूस करता हूँ खासकर सर्दियो में हमेशा मेरा खाना खाने के बाद चाय पीने को मन होता है लेकिन फिर भी आपको बता दें खाना खाने के तुरंत बाद चाय पीना सेहत के लिए बिलकुल अच्छा नहीं है क्योंकि चाय की पत्ती में अम्लीय गुण होते है और जब वो भोजन के प्रोटीन के साथ मिलता है तो प्रोटीन सख्त हो जाता है और उसे पचाने में हमारी पाचन प्रणाली को काफी मेहनत करनी पड़ती है इसलिए चाय का सेवन खाना खाने के तुरंत बाद नहीं करें तो बेहतर है |
ठंडा पानी पीने से बचे – जानकर कहते है खाना खाने के बाद वैसे भी पानी की अधिक मात्रा हमारे लिए हानिकारण होती है वो इसलिए क्योंकि खाने बाद हमारे शरीर का तापमान सबसे अधिक होता है जब हमारा पेट भोजन को पचा रहा होता है इसलिए अगर अधिक प्यास लगी हो तो आप थोडा कम तापमान वाला पानी खाने के बीच में या थोडा पानी खाने के बाद पी सकते है लेकिन ठन्डे पानी से बिलकुल परहेज करें |
धुम्रपान नहीं करें – मैंने देखा है कि जो लोग तम्बाकू उत्पाद का सेवन करते है वो लोग खाने के तुरंत बाद कुछ तम्बाकू या फिर सिगरट पीने की इच्छा जाहिर करते है लेकिन आपको बता दें खाने के तुरंत बाद सिगरेट पीना सामान्य समय में पीने के मुकाबले दस गुना अधिक नुकसान करती है |
कम आलसी बने – खाना खा लेने के तुरंत बाद सोना भी आपकी सेहत के लिए अच्छा नहीं होता है और खासतौर पर रात के भोजन के बाद तो सोने के समय में करीब 3 या कम से कम 2 घंटे का अंतर होना जरुरी है लेकिन दिन के समय में खाने के बाद थोडा सुस्ताना सेहत के लिए अच्छा माना जाता है और खाने के बाद अधिक सोना आपके लिए गेस्ट्रिक की समस्या create कर सकता है | 
खाने के बाद नहायें नहीं – जैसे मैंने आपको ऊपर बताया खाने के तुरंत बाद आपके शरीर का तापमान सामान्य से अधिक होता है इसलिए किसी भी ऐसी क्रिया से बचे जिसमे आपके शरीर के तापमान में गड़बड़ी होती हो जिसमे आपका नहाना भी शामिल है इसलिए खाने के बाद तुरंत नहाने से बचे |
कुछ लोगो के खाने के बाद फल खाने का भी मन करता है जो सेहत के लिए अच्छा नहीं है क्योंकि खाने के बाद फलों का सेवन पेट के अंदर गैस को बनाता है लेकिन मुहं की वायु को बदलने के लिए आप इलायची ,सौंफ आदि का सेवन कर सकते है वो आपके लिए हितकर होता है |

गिरते बाल ऐसे करें इलाज कुछ साधारण तरीको से

गिरते हुए बाल किसी भी लड़की के एक तनाव का विषय हो सकता है क्योंकि असल में किसी लड़की के लिए उसके बालों की सेहत उसके लिए सम्पति की तरह होती है और बालों का ख़ूबसूरती में बहुत अहम् योगदान होता है नही तो बड़े बड़े गीतकारों ने यूँ ही थोड़ी न जुल्फों के लिए प्यार भरे गीत लिखे है | ऐसा नही है लड़कियों के लिए ही बाल मायने रखते है लड़कों के लिए भी यदा कदा यह महत्वपूर्ण विषय होता है  चलिए कोई बात नहीं हम बात कर रहे थे गिरते बालों की समस्या के बारे में तो उसी पर चलते है –

कैसे कम करें गिरते बाल 


बालों से जुडी एक खास बात – शायद हम से बहुत कम लोग ही जानते है कि मेडिकल विज्ञानं में बाल और बालों से जुडी त्वचा यानि सिर की त्वचा के बारे में अध्ययन और उसके निदान के लिए एक अलग शाखा है जिसका नाम है ” ट्रिचोलोजी” और ट्रिचोलोजीस्ट आपका वो डॉक्टर होता है तो आपकी बालों और सिर की त्वचा से जुड़े रोगी का निदान करता है |
खानपान की बेकार आदत – सबसे पहले बालों के गिरने का मुख्य कारण जो है वो है आपका खानपान जो अगर सही नहीं तो बेशक आपको दूरगामी दुष्परिणाम देखने को मिल सकते है | हम जो खाते है उसी से हमारे बालों को पोषण भी मिलता है जैसे की अगर हम कम प्रोटीन वाला खाना खाते है और कम पानी पीते है तो हमारे बाल रूखे हो सकते है | और नमी खोने के कारण हमारे बाल गिरने लगते है
केमिकल ट्रीटमेंट – अगर आप जेल या अन्य बालों के लिए आने वाले केमिकल पदार्थो का इस्तेमाल अपने बालों को अच्छा दिखाने के लिए करते तो बेशक करें लेकिन लम्बे समय के लिए नहीं क्योंकि ये चीज़े आपके बालों को थोड़े देर के लिए तो अच्छा दिखा सकते है लेकिन बाद में ये बहुत नुकसान करते है |
पोषक तत्वों की कमी – हमारे शरीर में अगर जरुरी पोषक तत्वों की कमी हो जाती है तो भी आपके बाल गिरने लगते है जैसा कि मैंने ऊपर आपको बताया हम जो खाते है उसी से हमारे शरीर के अन्य भागों की तरह बालों को भी पोषण मिलता है इसलिए पोषण की कमी के चलते आपके बाल खराब हो सकते है क्योंकि हम से अधिकतर इस तरफ ध्यान नहीं देते है कि संतुलित भोजन कैसा होना चाहिए | संतुलित भोजन पर जानकारी के लिए आप यंहा क्लिक करे |
हार्मोन की समस्याएं – हार्मोन की समस्याए या उनका बैलेंस नहीं होने पर भी आपको कई तरह की परेशानियों से गुजरना पड़ता है और डायबीटीज जैसी बीमारी के अंदर भी आपके बालों के गिरने की समस्याएं आ सकती है ऐसे में आपको अपने बालों का खास ध्यान रखना होता है इसके लिए आप डॉक्टर से परामर्श कर सकते है जो आपको बेहतर गाइड कर सकता है |
अधिक फैशन अपनाना – बालों को अच्छा दिखने और जल्दी सुखाने के लिए अगर आप ड्रायर और कर्ली बालों के लिए अगर आप आयरन का इस्तेमाल करते है तो वो भी आपके बालों के लिए खतरनाक होता है इस से बाल टूटने की शिकायत हो सकती है इसलिए इनका नियमित प्रयोग करने से बचे और किसी खास अवसर पर ही करें 
सिर की कमजोर त्वचा – सिर की त्वचा पोषण की वजह से कमजोर हो जाती है और सूखी सूखी सी हो जाती जिसकी वजह से बालों की जड़ें कमजोर हो जाती है इसके लिए आपको नियमित रूप से अपने बालों को धोना चाहिए और हफ्ते में कम से कम तीन बार अपने बालों को तेल लगाना चाहिए |
तनाव – यह आजकल की पीढ़ी में बड़ी कॉमन सी चीज़ है और गंभीर होने पर बेहद नुकसानदायक भी है सेहत के लिए भी और आपके बालों के लिए भी तनाव की वजह से हमारे बालों के फोलिकल्स समय से पहले ही केटोजन और टेलोजन के दौर में पहुँच जाते है जिस से बाल गिरना शुरू हो जाते है | तनाव की मुख्य वजह क्या है और कैसे तनाव से दूर रहे जानने के लिए यंहा क्लिक करें |

मसल्स पेन कारण जानिए और इसे दूर कीजिये

मसल्स पेन है क्या – मसल्स पेन यानि के मांशपेशियो के दर्द की समस्या तब सामने आती है जब कोई भी व्यक्ति जरुरत से अधिक कसरत करता है या फिर हैवी वेट लिफ्टिंग करता है वो भी लम्बे समय तक | ऐसा इसलिए होता है क्योंकि मसल्स के लिए भी काम करने की एक तय सीमा होती है जिसे नियमित अभ्यास से धीरे धीरे बढाया जाना चाहिए लेकिन लोग ऐसा नहीं करते है लोग जल्दी जल्दी जिम जाकर बहुत कुछ पा लेना चाहते है जो सही तरीका नहीं है | फलस्वरूप अधिक कसरत के कारण उन्हें मसल्स पेन की समस्या से दो चार होना पड़ता है और इसमें आपकी मसल्स में खिंचाव के चलते मसल्स के साथ साथ ,फाइबर और मेम्ब्रेन को भी नुकसान होता है और कैल्शियम के अधिक स्त्राव के कारण सेल्युलर प्रोटीन का विघटन होता है जिस से मसल्स में सूजन आ जाती है जिसे मेडिकल विज्ञानं की भाषा में डी ओ एम एस कहा जाता है

कैसे बचे मसल्स पेन से 


सबसे पहले तो इस से बचने के लिए आपको अपने कसरत करने की आदत और तौर तरीको में थोडा फेरबदल करना होता है और कसरत शुरू करने से पहले थोडा स्ट्रेच कर लेना बेहतर होता है और अपने तरीको को इस तरह बदलें कि आप धीरे धीरे आगे बढे और अगले लेवल पर जाएँ
मसल्स पेन के लक्षण – मसल्स पेन के लक्षणों को बड़ी आसानी से आपके बिगड़े हुए मूड ,अधिक थकान नींद से संबधित समस्या और हृदय गति में अनियमितता के तौर पर समझा जा सकता है | जिस से आपको कई तरह की परेशानियों जैसे कि लिगामेंट्स पर दबाव या चोट लगने की सम्भावना का सामना करना पड़ सकता है क्योंकि इस से आपका शरीर के साथ तालमेल थोडा सही नहीं रहता है | कुछ देसी और प्राकृतिक दवाईयों की मदद से मसल्स पेन को कम किया जा सकता है 
इड्रेशन –  पानी अधिक से अधिक पियें ताकि आपके शरीर से विषैले पदार्थो की निकासी अच्छे से हो सके और अधिक पानी पीने से होने वाले फायदे जानने के लिए आप यंहा क्लिक कर सकते है  | डिहाइड्रेशन मसल्स पेन को पीड़ा जनक बना देता है इसलिए इस से बचे |
ब्लूबेरीज – इसमें मौजूद एंटीओक्सिडेंट आपकी मसल्स की थकान से आपको निजात पाने में आपकी सहायता करते है कसरत करने के दौरान जो अतिरिक्त फ्री रेडिकल हमारे शरीर में बनते है उन्हें साफ़ करने में भी हमारी मदद मिलती है |
कॉफ़ी पियें – कॉफ़ी का अधिक सेवन तो अच्छा नहीं है लेकिन अपने उत्तेजक गुणों और स्वाद से भरपूर आपकी फेवरेट कॉफ़ी आपके मसल्स पेन को बड़े अच्छे तरीके से कम कर सकती है |
फलों का भरपूर उपयोग करें – फलों का सेवन वैसे भी सेहत के लिए अच्छा होता ही है क्योंकि बहुत से पोषक तत्वों की कमी पूरी हो जाती है इस से लेकिन फिर भी अंगूर अनार और जामुन कुछ खास महत्व रखते है क्योंकि इनमे नॉन स्टेरॉयडल एंटी इन्फ्लामेटरी गुण होते है जो मसल्स पेन को कम करने में आपकी बहुत सहायता करते है |
अदरक का उपयोग करें – अदरक में मसल्स पेन को कम करने की कमाल की क्षमता होती है क्योंकि इसमें मौजूद जिन्जेरोल्स आपकी सूजन को कम करने के लिए बहुत लाभदायक होते है | और साथ ही दर्द से भी राहत देते है 

थायराइड के उपचार और समस्याएं

thyroid ka upchar in hindi – जब थायराइड ग्लैंड के काम करने की प्रणाली में बाधा उत्पन होती है तो इस से कई तरह की शारीरिक समस्याओ से हमे दो चार होना पड़ता है जैसे कि उच्च रक्तचाप ,नब्ज का धीमा होना या सामान्य से अधिक तेज होना , दिल की अनियंत्रित धड़कन छाती में दर्द ,धमनी में ब्लॉकेज हार्ट का फेल होना जैसी कई गंभीर समस्याएं है जिनसे हमे थायराइड ग्रंथि के काम करने तरीके को प्रभावित होने की दशा में झेलना पड़ता है थायराइड रोग में कार्यप्रणाली में रूकावट दो तरीके से होती है या तो यह कम हो जाती है जिसे हम हाइपोथायराइडइज्म कहते है और या यह बढ़ जाती है जिसे हम हाइपरथायराइडिज्म कहा जाता है मेडिकल विज्ञानं की भाषा में

थायराइड के उपचार और समस्याएं


हाइपोथायराइडिज्म – थायराइड ग्लैंड की कार्यप्रणाली धीमी हो जाने पर दिल की धड़कन कम हो जाती है और रक्त संचार भी कम हो जाता है और लम्बे समय तक ऐसा ही रहने पर हमारे मेटाबोलिज्म पर इसका खतरनाक असर होती है जिसकी वजह से कोलेस्ट्राल का स्तर अधिक हो जाता है और और इसके लक्षणों में जल्दी थकान और वजन का बढ़ना शामिल है |
हाइपोथायराइडिज्म के उपचार – एक बार खून के टेस्ट के बाद इसका उपचार बहुत आसान है इसमें रोगी की कमी को  थायराइड हार्मोन प्रेपंशन से बदल कर इसका उपचार किया जाना संभव होता है और इलाज के लिए थायरोक्सिन और इसके सिंथेटिक विकल्प आज की आधुनिक चिकित्सा विज्ञानं के पास मौजूद है |
हाइपरथायराइडिज्म -थायरोक्सिन हार्मोन का स्तर बढ जाने की दशा में यह हमारे दिल को तेजी से धडकने के लिए उतेजित करता है जिस से हमारा दिल तेजी से धडकता है और इस अवस्था को टेचिकार्डिया भी कहते है इसमें दिल की धडकन बढ़ने के कारन रोगी को अपना दिल और मन डूबता हुआ सा महसूस होता है |
हाइपरथायराइडिज्म का उपचार –  हाइपरथायराइडिज्म के इलाज के लिए और इसके प्रभावों को कम करने के लिए कुछ खास तरह के ट्रीटमेंट की जरुरत होती है और दिल की धड़कन को कम करने के लिए डॉक्टर की देखरेख में हाइपरथायराइडिज्म के अन्य लक्षण जिसमे हृदय गति बढ़ने के साथ साथ बैचेनी और उँगलियों का काम्पना शामिल है का इलाज अच्छे से किया जाना आवश्यक है 

कैंसर से बचने के उपाय -Cancer se bachne ke upay Hindi

कैंसर से बचने के उपाय -Cancer se bachne ke upay Hindi


Know all About Cancer se bachne ke upay – कैंसर से बचने के उपाय खोजने से बेहतर है इस से बचा ही जाये क्योंकि ये एक गंभीर बीमारी है जिस से बचने के लिए हमे कुछ अधिक नहीं करना होता है जबकि ऐसा होता है जब मैं किसी को गुटके या अन्य तम्बाकू के Product न use करने को कहता हूँ तो उल्टा मुझे सुननी पड़ती है कि ” फलाने ने तो पूरी जिन्दगी खाया उसे तो कुछ नहीं हुआ ” | तो भाई आप किसी और की बात क्यों करते है खुद की करिए न ? और असल में ऐसा इसलिए है कि आज के मुकाबले पहले के लोग हमसे कंही अधिक मेहनत वाली और मुश्किल जिन्दगी जीते थे इसलिए ” उनका रोग प्रतिरोधक सिस्टम” भी तो मजबूत था जबकि आज के विलासिता पूर्ण जिन्दगी में ऐसा नहीं है चलिए हम कैंसर के बारे में और उस से बचने के लिए कुछ अहम् बातों पर नजर डालते है 
आप भी मेरी तरह ये कह सकते है कि अब तो ये बीमारी आम है और बदलती जीवनशैली या खानपान का ही दुष्प्रभाव है चाहे कितना ही संयम वाली जिन्दगी जी लो लेकिन सच्चाई यही है कि हम अगर अपनी जिन्दगी में छोटी छोटी बातों का ध्यान रखे तो बड़ी आसानी से कैंसर जैसी भयावह बीमारी से बच सकते है |
कैंसर के तेजी से फैलने की वजह – असल में कैंसर के तेजी से फैलने की वजह एक्सपर्ट भी हमारी दैनिक जीवनशैली में आये बदलाव को मानते है | मुख्यत तम्बाकू के सेवन , शराब का सेवन अधिक वसा और मांसाहारी भोजन इसकी मुख्य वजह है जबकि कुछ लोग कहते है कि nonvage खाने से अगर कैंसर होता तो बहुत सारे लोग कैंसर से पीड़ित होते विदेशो में इसकी तादाद और भी अधिक होगी तो आपको बता दें कि विकसित देशों में लोग खाने के हईजेनिक होने पर बहुत ध्यान देते है और nonvage पर तो उस से भी अधिक जबकि हमारे यंहा आमतौर पर ऐसा नहीं होता है | इसलिए संभव हो तो मांसाहार से बचे |
क्या वाकई तम्बाकू वजह है कैंसर की ?– कैंसर के जितने भी मरीज सामने आते है उनमे से 40 प्रतिशत वो होते है जिनकी जीवनशैली इस तरीके की होती है जैसी नहीं होनी चाहिए | बीडी सिगरेट गुटखा और ऐसी ही तम्बाकू वाली चीज़े खाने से मुहं के कैंसर का खतरा बढ़ जाता है और चूँकि ये चीज़े एक धीमे जहर की तरह होती है इसलिए आप इनसे बचे ही रहे क्योंकि दूरगामी बुरे परिणाम होते है इन चीजों के और जब हमे अहसास होता है तो हम कुछ अधिक करने की स्थिति में नहीं होते इसलिए बेहतर है कि इनसे दूर रहकर आप अपनी सेहत और पैसो दोनों को सहेज कर रख सकते है 
मांसाहारी होने से कैंसर हो सकता है –  चूँकि आज के समय में लोगो को पाचन क्षमता कम होने सम्बन्धी चीजों से दो चार होना होता है और ढाबों या होटलों में मांसाहार के मामले में अधिक साफ सफाई नहीं होने की वजह से ये भी आमतौर पर अगर इनका अधिक सेवन किया जाये तो स्वस्थ्य के लिए हानिकारक ही साबित होते है और कैंसर होने का खतरा भी कई गुना अधिक बढ़ जाता है | इस से आपको आंतों के कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है |
स्तनपान से कैंसर का ताल्लुक – स्तन कैंसर होने का खतरा उन महिलाओं को अधिक होता है जो बच्चे को दूध नहीं पिलाती है उन महिलाओं के मुकाबले जो नियमित स्तनपान कराती है | इसलिए महिला की सुरक्षा और बच्चे के विकास के लिए आवश्यक है कि महिलाएं नियमित रूप से बच्चे को स्तनपान करवाएं |
मोटापे से कैंसर का खतरा – मोटापा भी कैंसर के लिए सम्भावना बढ़ा देता है क्योंकि मोटे लोगो में पेट का और स्तन का कैंसर होने की सम्भावना बढ़ जाती है क्योंकि इस से कोलेस्ट्राल बढ़ता है जो दिल की सारी बीमारियों की जड़ है इसलिए मोटापे का खास तौर पर ध्यान रखें और इसके लिए नियमित व्यायाम करना एक अच्छा विकल्प है जिसकी मदद से आप बड़ी आसानी से कैंसर होने की संभावनाओं को कम कर सकते है |
कैंसर से बचने का कोई सीधा उपाय – कैंसर की श्रेणी में सर्वाइकल कैंसर से बचने के लिए एक वैक्सीन बाजार में उपलब्ध है और यह तीन डोज के रूप में पहले से छ्टे महीने के अंदर दिया जा सकता है और यह टीका 11 वर्ष से 40 वर्ष की महिलाओं को दिया जा सकता है जिसकी मदद से कैंसर का खतरा बहुत हद तक कम हो सकता है 

जल ही जीवन है। जल के 15 फायेदे।